Wednesday, 21 October 2015

जर्रा


                   -- जर्रा --
हर एक ज़र्रा तेरा ऐ मुल्क हमको जान से प्यारा है
हर एक मंदिर, हर एक मस्जिद, हर गिरजा हमारा है.

तेरी मिट्टी में जन्मे हैं तेरी खातिर मरेंगे हम
तू मेरा इश्क है, तुझ पर ही जान देना गंवारा है.

जो कहते हैं ये मेरा है- वो तेरा है, वो जाहिल हैं
ये गंगा सब की माँ है, ये हिमालय सबको प्यारा है.

जो नफ़रत बाँटते हैं उनका कोई धरम नहीं होता
ये मोहब्बत की ज़मीन है, देश मेरा जग से न्यारा है. 
'नमन'

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