Saturday, 6 June 2015

आज- कल



आज- कल 
तेरे ख़त 
मुझे मिलते हैं हर रोज 
पूछते हैं 
सैकड़ो प्रश्न ?

जवाब 
नहीं हैं मेरे पास
तुम्हारे प्रश्नो के 
लगा हूँ 
सवालों के जवाब ढूढने में ..
जवाब मिलते ही 
पहली फुर्सत में 
ख़त लिखूंगा तुम्हे ...

जरूर लिखूंगा 
क्यों क़ी 
तुम्हारे सवालों के 
जवाब ढूँढने ही तो
चला आया हूँ 
तुमसे इतनी दूर......
नमन

No comments:

Post a Comment