Monday, 13 October 2014

सत्य के खिलाफ


अरे भाई सुनो तो...
एक आदमी सच बोल रहा है..
क्या कहा ?
सचमुच सच बोल रहा है...
तब तो धर्म खतरे में है 
मंदिर का पुजारी चिलाया...
या खुदा..
मौलवी साहब ने अपना माथा पीट लिया
ओह माई गॉड...
पादरी चर्च से कराहा...
यह कैसे हो सकता है..?
इसे सत्य बोलने से रोकना होगा....
तीनो एक साथ चिल्लाये..


वह भगवान के खिलाफ
बात कर रहा है
निधर्मी है
धर्म खतरे में है
पुजारी मंदिर में भक्तों को समझा रहा है...

वह कुरान के खिलाफ है
उसका अपमान कर रहा है...
काफिरों का एजेंट है
इस्लाम खतरे में है
मौलाना नमाजियों को समझा रहे हैं ....

वह जीसस के खिलाफ है
बाईबिल के खिलाफ है
उसके सर पर
शैतान सवार है
ईसाईयत खतरे में है
पादरी चर्च में बोले जा रहा है....

भीड़ उद्वेलित है
भीड़......
जिसकी कोई जाति नहीं होती
जिसका कोई धर्म नहीं होता
जिसका कोई चेहरा नहीं होता
सत्य के खिलाफ है

एक बार फिर
सूली दे दी जाती है ईसा को
बेरहमी से क़त्ल कर दिया जाता है हुसेन का
गोली मार दी जाती है महात्मा गाँधी को....

क्योंकी ये सब
सत्य को प्राप्त हो गए थे ...
सत्य को प्राप्त हो गए थे ....
'नमन'

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