Tuesday, 25 September 2012

                               कैसे करें बी.जे.पी. पर भरोसा ...? और क्यों करें ... ?

१.. यह वही पार्टी है जो हिन्दुस्तान में कंप्यूटर लाने का विरोध कर रही थी....  कह रही थी क़ी रोजगार ख़त्म हो जायेंगे.. 
२.. यह वही पार्टी है जो स्व. राजीव गाँधी के सलाहकार सैम पित्रोदा और राजीव गाँधी ने जब १९८५-८६ में कहा क़ी अगले १५ वर्षों में हिदुस्तान के गाओं के पेड़- पेड़ पर फोन लटका होगा तो उनके  बयान का  मजाक उड़ा रही थी.. 
३.. यह वही पार्टी है जो टेलीफोन क्षेत्र में विदेशी निवेश का विरोध कर रही थी... और कह रही थी विदेशी कंपनिया आने से टेलेफोन क़ी दरे बढ़ जाएँगी.. आज फोन करना १९७०-८० के दशक  के मुकाबले १/१२००० गुना सस्ता है....
४..यह वही पार्टी है जिसका पुराना नाम जन संघ  है और जिसने हिन्दुस्तान के पूर्व राजा - महाराजाओं का प्री.वी.पर्स. जब स्व. इंदिरा गाँधी ने बंद किया तो उसका विरोध कर रही थी....
५. यह वही पार्टी है जो स्व. इंदिरा गाँधी द्वारा किये जा रहे बैंको के राष्ट्रीयकरण का विरोध कर रही थी... अगर उस समय बैंको का राष्ट्रीय करण नहीं होता तो न तो 'हरित क्रांति' होती न तो हम अन्न के बारे में आत्म निर्भर होती...
६ .. यह वही पार्टी है जो जब केंद्र में शासन में थी तो इसने कट्टर आतंकवादियों को छोड़ दिया और इसके विदेश मंत्री आतंक वादियों को सैकड़ो करोड़ रु. के दहेज़ के साथ  छोड़ने खुद गये ....
७.. यह वही पार्टी है जिसके नेता लाल कृष्ण आडवानी 'मोहम्मद अली जिन्ना' को सेकुलर कहते हैं...
८.. यह वही पार्टी है जिसके नेता खुले आम कबूल करते हैं क़ी उन्हें व्यापारियों का सरंक्षण प्राप्त है...  यह आम गरीब आदमी क़ी पार्टी कैसे हो सकती है..?  
९.. यह वही पार्टी है जिसने राम को पिछले १९ साल से घर से बेघर कर उन्हें वनवास दे दिया है... 
हिंदी में मंदिर का अर्थ घर होता है. विद्या मंदिर-  विद्या का घर, समाज मंदिर- समाज का घर आदि इसके अनेक उदाहरण है। जब हनुमान सीता मां को लंका में खोज रहे हैं, उसका वर्णन करते हुए तुलसीदास ज़ी ने रामचरितमानस मे लिखा, 'मंदिर मंदिर प्रति करि सोधा, देखे जंह- तंह अगनिजोधा।  गयऊ  दसानन  मंदिर मांही, अति विचित्र कहि जात सो नांही। सयन किए कपि देखा तेही, मंदिर महु न दीखि बैदेही। इत्यादि इत्यादि।  अब लंका में कहाँ मंदिर थे? उन्होंने रावण के महल को रावण का मंदिर कहा है। अब जिस घर में राम -सीता क़ी मूर्ति थी, उनकी पूजा २४ घंटे हो रही थी,  किसी  मुसलमान भाई ने १९४७ से आज तक जहाँ नमाज़ नहीं पढ़ी , वह सिर्फ और सिर्फ राम लला का मंदिर था, जिसे तोड़ कर राम लला को घर से बेघर करने का पाप बी.जे.पी. के सिर पर है, RSS के सिर पर है, विश्व हिन्दू परिषद के सिर पर है।
     इन लोंगो ने न केवल राम का मंदिर तोडा, बल्कि सत्ता के लोभ मे पूरे हिन्दुस्तान को घृणा और दंगों क़ी आग में झोंक दिया। वही इतिहास फिर दोहराने की फिराक मे ये लोग फिर हैं, पर इन्हे पता नहीं की काठ की हांडी दुबारा नहीं चढ़ती।

    भारतीय राज नीति में ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं जहा इस पार्टी ने आम जनता से सच छिपा कर उसे दिग्भ्रमित किया है .....  
                           ये है भारतीय झूठो क़ी पार्टी..!
                                                                                                                         बी. जे.पी. का नहीं, आपका,
                                                                                                                                             'नमन' 

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