Tuesday, 20 September 2011

SHIKAWA

मित्रों, 
काफी दिनों से बहुत कम लिख पा रहा हूँ| आज आपकी सेवा में एक ताज़ा 
ग़ज़ल ब्लॉग पर लिख रहा हूँ.... 

हम तेरी मोहब्बत में यूँ खुद को सजा देंगे
ख्वाबों को हवा देंगे, आँखों को रुला देंगे||

लव पर तेरे तवस्सुम आँखों में शरारत है
अंदाज़ तेरे कातिल,   मुर्दों  को जिला देंगे|| 



वो मेरी मोहब्बत है, दिल का मेरे वहम है
दिल तोड़ कर वो मेरी,चाहत का सिला देंगे|| 

चाहा तो उसको  चाहा, पूजा तो उसको पूजा
वो कह रहे हैं हमको , मिट्टी में मिला देंगे||

वो जिंदगी में मेरी , खुशबू की तरह आये 
क्या था  पता हमें वो, शिकवा और गिला देंगे||
                                                                         'नमन'

1 comment:

  1. aapki lekhni se nikle shabd kamal hain bhai sahab....

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