Monday, 15 February 2016

-प्रेम दिन पर-

-प्रेम दिन पर-


नफरत ले लो भाई
नफरत ले लो
तरह तरह की नफरत 
भाँति भाँति की नफरत
किस्म किस्म की नफरत..
इस लाईन में सजी हैं
मजहबी नफरत की दूकाने
वो सामने की बडी दूकान
इस्लाम के पैकेट में
बेचती है नफरत
अमेरिका और खाडी देशों का
अकूत पैसा लगा है इसमें
उपलब्ध है यहाँ
विध्वंस के हथियार
मानवता के विनाश और
स्त्री प्रताडना का
आधुनिक विग्यान
मासूम बच्चों को
अनाथ करने की तरकीबें
प्रेम से इनका दूर दूर तक
कोई रिश्ता नहीं है
पाकिस्तान से अफगानिस्तान
ईरान से इराक, सीरिया और
दूर दूर तक
ए बेचते हैं सिर्फ नफरत
नफरत नफरत और नफरत..
नफरत ले लो भाई
नफरत ले लो...

वह बगल वाली मजहबी दूकान
जिसमे ग्राहक थोडे कम हैं
बेचती है हिंदुत्व की अफीम
उपलब्ध हैं यहाँ
तलवार त्रिशूल और
नफरती शब्द बाण के पटाखे
संत महंत और
कृष्ण का नाम लेने वाले कंस
नफरत के सेल्स मैन
प्रेम पाप है इनके लिए
स्त्री भोग्या और
प्रेम करने वाले अपराधी
पंडित पुजारी, मुल्ला मौलवी
सब लगे हैं अपना अपना
नफरती माल बेचने में
नफरत नफरत और नफरत
नफरत ले लो भाई
नफरत ले लो..

जरा उस तरफ भी देखिए
कुछ और दूकाने हैं
जाति वाद, प्रांत वाद और
भाषा वादी नफरतों की
इनका धंधा जरा छोटा है
खुदरा व्यापारी हैं ए..
इंसानियत के खून से
सबके चेहरे लाल हैं...
ईसाई और अन्य नामों की
नफरती दूकाने भी हैं यहाँ
पर उनका धंधा अभी मंदा है..
नफरत ले लो भाई
नफरत ले लो..
तरह तरह की नफरत
भाँति भाँति की नफरत
किस्म किस्म की नफरत..
नमन

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